राजस्थान की क्रेडिट सोसायटियों ने देशभर के निवेशकों से ठगे 20 हजार करोड़ …

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राजस्थान में नई क्रेडिट सोसायटियां अब नहीं बन सकेगी । सरकारी अधिकारियों एवं माफियाओं की मिलीभगत
से प्रदेश में बनी क्रेडिट सोसायटियों द्वारा करीब 20 हजार करोड़  का गबन किए जाने का मामला सामने आने
के बाद अशोक गहलोत सरकार ने नई क्रेडिट सोसायटियों का रजिस्ट्रेशन बंद करने का निर्णय लिया है। इसके
साथ ही निष्क्रिय 387 सोसायटियों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जाएगा।

राज्य सरकार द्वारा कराई गई जांच में सामने आया कि क्रेडिट सोसायटियों के संचालन में पैसों की बड़ी आमद
देखकर सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही राजनेताओं के
संरक्षण में माफियाओं के साथ मिलकर क्रेडिट सोसायटियां बनाई थी।

इन सोसायटियों में किसी अधिकारी ने अपनी पत्नी को तो किसी ने बेटे,ससुर और अन्य रिश्तेदारों को संचालक
बना दिया । यही नही कुछ अधिकारियों ने सेवानिवृत होने के बाद खुद क्रेडिट सोसायटियों में पद ले लिए। अब
सरकार इस मामले की जांच एसओजी को सौंपने की तैयारी कर रही है। एसओजी जांच करेगी कि सहकारिता
विभाग के अधिकारियों ने प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ ही राजनेताओं के संरक्षण में किस तरह
से माफियाओं के साथ मिलकर क्रेडिट सोसायटियां बनाई थी।

राज्य में अब तक एक दर्जन क्रेडिट सोसायटियों का घाटोला सामने आ चुका है। इनमें आदर्श क्रेडिट को-
आॅपरेटिव सोसायटी का 14,500 करोड़ का घोटाला देश के बड़े घोटालों में से एक माना जा रहा है। इसी
तरह संजीवनी क्रेडिट सोसायटी ने दो हजार करोड़ का घोटाला किया तो नवजीवन क्रेडिट सोसायटी ने 500
करोड़ से अधिक का घोटाला किया।