रुपये की गिरावट और तेल की तेजी पर काबू पाने के लिए PMO हुआ सक्रिय, बाजार संभला

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रुपये की गिरावट को रोकने के उपायों और इसमें किस हद तक सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए, इस बारे में अगले कुछ दिनों में एक आर्थिक समीक्षा बैठक बुला सकते हैं. ये भी उम्मीद है कि सरकार पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में जारी तेजी को काबू में करने के उपायों की घोषणा भी कर सकती है.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रुपये की गिरावट को रोकने के उपायों और इसमें किस हद तक सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए, इस बारे में अगले कुछ दिनों में एक आर्थिक समीक्षा बैठक बुला सकते हैं. ये भी उम्मीद है कि सरकार पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में जारी तेजी को काबू में करने के उपायों की घोषणा भी कर सकती है.

बाजार में ये खबर आने के बाद रुपये की सेहत में सुधार देखने को मिला. बाजार को वित्त मंत्रालय से भी ऐसे ही संकेत मिले. वित्त मंत्रालय ने कहा है कि रुपया एक ‘तार्किक स्तर’ से नीचे न गिरे, इसके लिए सबकुछ किया जाएगा. आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने ट्वीट किया, ‘सरकार और आरबीआई ये सुनिश्चित करने के लिए सबकुछ करेंगे कि रुपया एक तार्कि स्तर से नीचे न गिरे.’

रुपये में तेजी 

इसके बाद डॉलर के मुकाबले रुपये में रिकार्ड गिरावट से 100 पैसे की मजबूत रिकवरी देखने को मिली. बुधवार को दिन के कारोबार के दौरान रुपया 72.91 प्रति डॉलर तक गिर गया, हालांकि बाद में इसमें सुधार देखने को मिला और रुपया चढ़कर 71.91 प्रति डॉलर के भाव तक आ गया. बाद में रुपया 72.07 के भाव पर बंद हुआ.

इस खबर का शेयर बाजार पर भी सकारात्मक असर दिखा और पिछले दो सत्रों के दौरान भारी गिरावट के रुख को पटलते हुए आज बीएसई सेंसेक्स में 304 अंकों की और एनएसई निफ्टी में 82 अंकों की बढ़त देखने को मिली. दिन की शुरुआत में रुपये में तेजी से गिरावट देखने को मिल रही थी, तभी खबर आई कि पीएम मोदी इस वीकेंड में एक समीक्षा बैठक कर सकते हैं. इस बैठक में रुपये की गिरावट और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर अंकुश के उपायों पर चर्चा होगी. हालांकि विश्लेषकों का मनना है कि मध्यम अवधि में रुपये में नरमी का दौर बना रहेगा.