रोहित तिवारी ने पत्नी व बेटे की हत्या के लिए कई से संपर्क किया था, पति-पत्नी में होती थी मारपीट …

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जयपुर में जगतपुरा इलाके के यूनिक टॉवर में श्वेता और उसके 21 माह के बेटे श्रेयम की हत्या के मामले
में प्रतिदिन नये खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि जयपुर एयरपोर्ट पर तैनात इंडियन
ऑयल के मैनेजर रोहित तिवारी ने अपनी पत्नी श्वेता और बेटे श्रेयम को मारने के लिए कई लोगों से बात की।
लेकिन बाद में सौरभ दोनों मां-बेटे की हत्या करने के लिए तैयार हुआ.

सौरभ ने रोहित द्वारा तय किए गए प्लॉन के अनुसार हत्या को अंजाम दिया। पुलिस की जांच में सामने
आया कि श्वेता और उसके पति रोहित तिवारी के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था। दोनों के बीच मारपीट
भी होती थी। इसका प्रमुख कारण रोहित तिवारी का विवाद से पहले एक युवती से संबंध होना था। रोहित
तिवारी ने विवाह के बाद भी उस युवती से संबंध बरकरार रखे, इस पर श्वेता को आपत्ति थी। इसके साथ
ही रोहित तिवारी खुद के वेतन में से आधा हिस्सा दिल्ली में रहने वाले अपने माता-पिता को भेजता था,
भांजे की पढ़ाई का खर्च भी वही वहन करता था, इससे भी श्वेता नाराज थी।

पुलिस की जांच में सामने आया कि रोहित तिवारी के माता-पिता और बहन ने भी श्वेता के साथ एक-दो
बार मारपीट की थी। रोहित तिवारी शराब पीकर अपने बेटे से भी मारपीट करता था। इन सबके चलते
श्वेता रोहित को छोड़ना चाहती थी, लेकिन मेरठ में रहने वाले उसके माता-पिता गृहस्थी सही चलाने की
दुहाई देकर उसे शांत करा देते थे। श्वेता के माता-पिता ने रोहित तिवारी को जब भी समझाने का प्रयास
किया, उसने उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया।

श्वेता और श्रेयम के हत्यारे सौरभ के आगरा निवासी जीजा हरसिंह ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी
और श्वेता में अच्छी दोस्ती थी। श्वेता अपने घर की हर बात हरिसिंह की पत्नी को बताती थी। रोहित तिवारी
की मारपीट एवं दूसरी युवती के साथ संबंधों की बात भी उसने बताई थी। इस पर हरिसिंह एवं उसकी पत्नी
ने रोहित तिवारी को समझाया था, लेकिन वह नहीं माना।