शायरी:दोस्ती

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रिश्तों की यह दुनिया है निराली,
सब रिश्तों से प्यारी है दोस्ती तुम्हारी,
मंज़ूर है आँसू भी आखो में हमारी,
अगर आजाये मुस्कान होंठों पे तुम्हारी।