शायरी

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क आरज़ू सी दिल ? मैं अक्सर छुपाये फिरता हूँ
प्यार ? करता हूँ तुझ से, पर कहने ?️ से डरता हूँ
नाराज़ ना हो जाओ ? कहीं मेरी गुस्ताखी से तुम
इसलिए खामोश ? रह कर भी ,
तेरी धड़कन ? को सुना करता हूँ