शेयर बाजार में हुई बढ़त, सेंसेक्स और निफ्टी हुआ 1 फीसद से ज्यादा मजबूत

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नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स करीब 400 अंकों की तेजी के साथ खुला। लेकिन, दोपहर बाद इसमें गिरावट दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स दोपहर में 100 अंक फिसलकर 34,961.03 पर आ गया, जबकि निफ्टी 10,497.50 पर कारोबार करता रहा। इसके बाद मारुति सुजुकी, एमएंडएम, ओएनजीसी, अदानी पोर्ट्स के शेयरों में 2% से अधिक की गिरावट आई। हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में भारी बिकवाली देखी गई, वहीं इंडियबुल्स हाउसिंग फाइनेंस के शेयरों में 12.5% की गिरावट दर्ज की गई और यह दिन के निचले स्तर 787 रुपये पर पहुंच गया।

सेंसेक्स में सबसे ज्यादा मजबूती आईटीसी, इन्फोसिस, कोल इंडिया और आईसीआईसीआई के काउंटर पर है जबकि यस बैंक, अडानी पोर्ट्स, मारुति और महिंद्रा एंड महिंद्रा के काउंटर दबाव में काम कर रहे हैं।
रुपये में आई मजबूती
बुधवार को शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपये की सेहत में सुधार हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और व्यापार घाटे के कम होने के अनुमान के दम पर रुपया 73.41 के स्तर पर खुला। इससे पहले के कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 73.46 पर बंद हुआ था। गौरतलब है कि कच्चे तेल की कीमतों के चार साल के उच्चतम स्तर को छूने के बाद रुपये पर दबाव बढ़ा है।

रिलायंस के नतीजों पर होगी नजर
बाजार की नजर आज रिलायंस इंडस्ट्रीज की दूसरी तिमाही के नतीजों पर होगी। ब्लूमबर्ग के पोल के मुताबिक मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी का कुल रेवेन्यू 1.40 ट्रिलियन रहने की उम्मीद है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 81.09 अरब रुपये का मुनाफा कमाया था। इसके अलावा एसीसी, बिड़ला मनी, डीसीबी बैंक के भी नतीजों पर बाजार की नजर रहेंगी। शॉर्ट टर्म में बाजार के लिए कंपनियों के नतीजे सबसे बड़ा ट्रिगर है।

उम्मीद से बेहतर अनुमान के बाद उछला इन्फोसिस
बाजार की उम्मीदों से बेहतर नतीजे देने के बाद इन्फोसिस के शेयरों में तेजी का माहौल है। बीएसई में कंपनी के शेयरों में 2 फीसद की तेजी है। सितंबर तिमाही में कंपनी को सालाना आधार पर शुद्ध 4,110 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। कंपनी को पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 3,726 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।

चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी का राजस्व 20,609 करोड़ रुपये रहा है। इन्फोसिस ने 6-8 फीसद के राजस्व वृद्धि अनुमान में कोई बदलाव नहीं किया है। इसके साथ ही उसने मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान ऑपरेटिंग मार्जिन के अनुमान को भी बरकरार रखा है।