संसद तक पहुंचें सिसकियां, इसलिए 10-20 रुपये किए इकट्ठे और खड़ी हो गईं चुनाव में ….

0
2

पंजाब में भारी कर्ज से दबे किसानों द्वारा आत्‍महत्‍या का मुद्दा पिछले विधानसभा चुनाव में खूब उठा था। इसके बाद यह

मामला राजनीति के गलियारों में खोकर रह गया और ऐसे किसानों के परिवारों की वेदना सियासी खेल में दब गई। ऐसे

में आत्‍महत्या करने वाले दो किसानों की विधवाओं ने कदम बढ़ाया है। उन्‍होंने किसान संगठनों की मदद से 10-10, 20-20

रुपये इकट्ठक किए और बठिंडा लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल कर दिया। नामांकन दाखिल करने वाली वीरपाल कौर और

मनजीत कौर का कहना है कि उन्‍होंने यह कदम किसानों की दुर्दशा और खुदकुशी करने वाले किसानों के परिवार की पीड़ा

व सिसकियों को संसद तक पहुंचाने के लिए उठाया है।

वीरपाल और मनजीत कौर के बठिंडा लोकसभा सीट से नामांकन पत्र दाखिल करने से यहां चुनावी माहौल गर्मा गया है। इससे

शिअद की प्रत्‍याशी केंद्रीय मंत्री हरसिमरम कौर बादल और कांग्रेस प्रत्‍याशी अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के लिए बड़ी चुनौती खड़ी

हो गई है। वीरपाल और मनजीत का कहना है कि सरकार की ओर से उन्हें कोई मदद नहीं दी गई। अगर वह चुनाव जीत कर

संसद में पहुंची तो उनका एकमात्र मकसद किसान परिवारों का दर्द और गरीबों की आवाज संसद में पहुंचाने की होगी।

वीरपाल और मनजीत कौर के बठिंडा लोकसभा सीट से नामांकन पत्र दाखिल करने से यहां चुनावी माहौल गर्मा गया है।

इससे शिअद की प्रत्‍याशी केंद्रीय मंत्री हरसिमरम कौर बादल और कांग्रेस प्रत्‍याशी अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के लिए बड़ी

चुनौती खड़ी हो गई है। वीरपाल और मनजीत का कहना है कि सरकार की ओर से उन्हें कोई मदद नहीं दी गई। अगर

वह चुनाव जीत कर संसद में पहुंची तो उनका एकमात्र मकसद किसान परिवारों का दर्द और गरीबों की आवाज संसद में

पहुंचाने की होगी।