सीटू बोला- टीका टिप्पणी से नहीं?

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मेंबरशिप वेरीफिकेशन चुनाव में हिंदुस्तान स्टील एम्प्लाइज यूनियन सीटू ने अपनी रणनीति बना ली है। यूनियन का दावा है कि अपनी सकारात्मक भूमिकाओं एवं निरंतर किए गए संघर्षों के आधार पर कर्मियों से चुनाव में सहयोग मांगेगी।

किसी भी दिखावटी या चुनावी माहौल के आधार पर किसी भी व्यक्ति या संगठन पर उल-जुलूल या बकवास टिप्पणी करने से पूर्णतः परहेज करेगा। यूनियन का यह स्पष्ट मानना है कि सभी श्रम संगठनों को अपने भविष्य के कार्यक्रम एवं श्रमिक हित में किए गए कार्यों के आधार पर चुनावी वैतरणी में उतरना चाहिए।

सीटू के महासचिव डीवीएस रेड्डी का कहना है कि अनर्गल एवं औचित्य हीन आरोप-प्रत्यारोप श्रमिक एकता में एक बाधक तत्व है। इसलिए यथासंभव यूनियन यह प्रयास करेगा कि अनर्गल एवं औचित्यहीन आरोप प्रत्यारोप का अपने सिद्घांतों एवं वास्तविक तके के आधार पर जवाब दे।

एसएसके पनिकर का कहना है कि किसी कार्य को करने पर मिलने वाली सफलता या असफलता, एक विचार का विषय हो सकता है। किंतु कार्य के प्रति ईमानदारी, निष्ठा एवं प्रयास किसी भी व्यक्ति या संगठन की अपनी पहचान होती है। भिलाई टाउनशिप जब डेंगू की महामारी से जूझ रहा था। तब पीएचडी विभाग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सीटू के सदस्यों ने भिलाई इस्पात संयंत्र संचालित स्कूलों एवं टाउनशिप में दवा छिड़काव किया। सेक्टर-9 हॉस्पिटल के ब्लड बैंक बंद करने के खिलाफ किए गए आंदोलन में अपनी उच्च सामाजिक उत्तरदायित्व की भूमिका को अदा करना इस बात को सिद्घ करता है।