सौरव गांगुली बने रहेंगे BCCI अध्यक्ष या होगी विदाई! सुप्रीम कोर्ट के हाथों में सबकुछ

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष सौरव गांगुली का कार्यकाल जुलाई में खत्म हो रहा है। इसके बाद उनको दो साल के कूलिंग ऑफ पीरियड से गुजरना होगा। गांगुली ने अपने छोटे से कार्यकाल में काफी अहम और कड़े फैसले लिए हैं। इसी वजह से लोग चाहते हैं कि उनको इस पद पल लंबे समय तक काम करने का मौका दिया जाए।

साल 2013 में आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग के याचिकाकर्ता आदित्य वर्मा ने गांगुली के कूलिंग ऑफ अवधि को बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील करने वाले हैं।

सोमवार को वर्मा ने पीटीआइ से बात करते हुए बताया, वो पीआईएल जिसकी वजह से बीसीसीआई के पूरे संविधान में बदलाव किया गया उसके याचिकाकर्ता होने के नाते मैंने कोर्ट से यह अर्जी करने का फैसला लिया है कि सौरव गांगुली और उनकी टीम को अगले तीन साल तक काम करने का मौका दिया जाए।

बीसीसीआई के नए संविधान के मुताबिक जस्टिस आरएम लोढा की कमिटी ने जो सुधार किए थे
इसके हिसाब से कोई भी बोर्ड के अधिकारी के पद पर राज्य और बीसीसीआई में कुल
मिलाकर 6 साल तक ही काम कर सकता है।
इसके बाद उसे 3 साल के कूलिंग ऑफ अवधि से गुजरना होगा। सौरव गांगुली ने पिछले साल
अक्टूबर में बीसीसीआई अक्ष्यक्ष के पद को संभाला था। उनको कार्यकाल महज 9 महीने का ही हो रहा है।

गांगुली बीसीसीआई अध्यक्ष का पद संभालने से पहले बंगाल क्रिकेट के प्रमुख की जिम्मेदारी निभा रहे थे।
वहीं सचिव जय शाह भी राजस्थान क्रिकेट के प्रमुख की भूमिका में थे। दोनों ही अपने 6 साल के
कार्यकाल के करीब हैं जिसके बाद इन दोनों को ही कूलिंग ऑफ अवधि से गुजरना पड़ेगा।

वर्मा ने बताया कि मेरा पूरा उद्देश यह तय करना था कि बीसीसीआई के काम में पारदर्शिता आए।
अब अगर सौरव गांगुली जैसा इंसान भी इस पद पर अपना कार्यकाल पूरा ना कर पाए तो
फिर इसका उपयोग ही क्या रह जाएगा।