हरियाणा के युवाओं की दास्‍तां: जमीन बेची और लाखों का कर्ज लिया, बेटा बर्बादी लेकर लाैटा …

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किसी न जमीन बेची तो किसी ने मोटे ब्याज पर लाखों रुपये का कर्ज लेकर अपने बेटों को विदेश
भेजा। उम्‍मीद थी कि परिवार के हालात बदल जाएंगे ओर बेटा विदेश से खुशियां व समृद्धि भेजेगा।
लेकिन वे ट्रैवल एजेंटों के जाल में ऐसे फंसा कि अब की जगह बर्बादी लेकर लौटा है।कई ताे खतरनाक
कोरोना के चंगुल में फंस कर आए हैं। फर्जी एजेंटों के माध्यम से विदेश पहुंचे हरियाणा के अनेक युवा
अब वहां फंसे हुए हैं। कोई जेल में बंद है तो कोई जंगलों में पड़ा है। वहां पकड़े जाने के बाद जेलों की
यातनाओं का डर भी यहां उनके परिवारों के होश उड़ा रहा है।

अमेरिका गए कैथल और करनाल के काफी युवकों को डिपोर्ट किया गया है। ये लोग 19 मई को विशेष
विमान से पंजाब के अमृतसर लाया गया था। इसके बाद उनको पंचकूला लाया गया और अब संबंधित
जिलों में उनको क्‍वारंटाइन सेंटरों में रखा गया है। इनमें से 21 को कोरोना संक्रमित पाया गया है। इस
तरह इनके परिवारों पर आफत का मानो पहाड़ टूट पड़ा है। बेटों की जिंदगी को लेकर स्वजनों की चिंता
बढ़ रही है।

कैथल जिले के पूंडरी, ढांड, गुहला-चीका और कैथल ब्लॉक के कई गांव के युवक एजेंटों के माध्यम
से अमेरिका भेजे गए थे। इन लोगों को अमेरिका पहुंचाने और वहां अच्‍छा काम दिलाने का झांसा देकर
ट्रैवल एजेंटों ने फंसा लिया। इनको पहले अन्‍य देशों में भेजा गया और फिर जंगलों के रास्‍ते अवैध या
अधूरे कागजात के सहारे अमेरिका में दाखिल करा दिया गया। वहां पकड़े गए तो पहले जेल मं रहे
और अब वहां कोरोना संकट के बाद डिपोर्ट कर दिए गए। इस तरह सारे सपने टूट गए।

कैथल के ढांड कस्बा के एक गांव निवासी व्यक्ति ने बताया कि उसका भतीजा मार्च 2019 में अमेरिका
गया था। बेटे को अमेरिका भेजने के लिए भाई ने अपने हिस्से की जमीन बेच दी, लेकिन इसके बावजूद
जब एजेंट द्वारा मांगी गई रकम इकट्ठी नहीं हुई तो ब्याज पर पैसे उठाते हुए पैसे एकत्रित किए। करीब
30 लाख रुपये खर्च कर बेटे को विदेश भेजा। अभी बेटे को अमेरिका में काम नहीं मिला था।