700 रुपए से बढ़कर 75 लाख हुई घरेलू सहायिका की संपत्ति, CBI ने दर्ज किया मामला

0
3

एक घरेलू सहायिका के बैंक खाते में धनराशि केवल 32 महीनों में 700 रुपए

से बढ़कर 75 लाख रुपए से ज्यादा हो गई! हालांकि यह अमीर बनने की कोई महान

गौरव गाथा नहीं है बल्कि एक सरकारी अधिकारी ने कथित तौर पर अपने पैसों

को छिपाने की कोशिश में अपनी घरेलू सहायिका के खाते का इस्तेमाल किया.

केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों ने बताया कि सरिता और पेट्रोलियम

विस्फोटक एवं सुरक्षा संगठन, चेन्नई में विस्फोटक विभाग के एक पूर्व संयुक्त मुख्य

नियंत्रक एके यादव के खिलाफ कथित तौर से 98.89 लाख रुपए की अवैध संपत्ति

के लिए मामला दर्ज किया गया है. यह संपत्ति अधिकारी की वैध आय से लगभग

311.3 फीसदी ज्यादा है.

उन्होंने बताया कि एजेंसी ने टीवीके कुमारसेन की भूमिका को भी संदिग्ध पाया है

जिसने यादव के एजेंट के रूप में काम किया. कुमारसेन का नाम भी एफआईआर में है.

सीबीआई ने एफआईआर में आरोप लगाया कि एजेंसी को सूचना मिली थी कि यादव

ने 12 अगस्त, 2015 से सात अप्रैल, 2018 तक चेन्नई में विस्फोटक विभाग के संयुक्त

मुख्य नियंत्रक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की.

यह भी आरोप लगाया गया है कि 2015-18 की अवधि के दौरान उन्होंने अपने साथ-साथ

अपनी घरेलू सहायिका सरिता के नाम 1.37 करोड़ रुपए की आय से अधिक संपत्ति अर्जित

की, जबकि इस अवधि में उनकी वैध आय केवल 31.76 लाख रुपए थी. उसके खर्चों को

हटाने के बाद, एजेंसी ने आरोप लगाया कि उसके पास 98.89 लाख रुपए की

अवैध संपत्ति थी.