EC की बैठक शुरू, EVM पर कई बड़े सुझाव दे सकती है कांग्रेस

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पिछले साल हुए उत्तर प्रदेश चुनाव के बाद से ही विपक्षी पार्टियां ईवीएम पर सवाल खड़ी करती आई हैं. चुनाव आयोग की ओर से हर बार ईवीएम पर भरोसा जताया गया है. आज की सर्वदलीय बैठक में एक बार फिर EVM का मुद्दा उठ सकता है.

देश में एक साथ चुनाव कराने की चर्चा के बीच आज चुनाव आयोग ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है. चुनाव आयोग इस बैठक में आने वाले विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा कर सकता है.

मीटिंग के मुद्दों में मतदाता सूची को ज़्यादा पारदर्शी, अचूक, उपयोगी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के साथ ही राजनीतिक दलों के संगठन और चुनावी उम्मीदवारी में महिलाओं की नुमाइंदगी, भागीदारी और ज़्यादा अवसर देने के उपाय करना भी शामिल हैं.

कांग्रेस पार्टी इस बैठक में चुनाव आयोग को कई सुझाव दे सकती है. कांग्रेस की ओर से अपील की जा सकती है कि चुनाव ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर से होने चाहिए. कैराना में उपचुनाव के दौरान गर्मी से मशीनें खराब हुई थीं, ऐसा नहीं होना चाहिए.

कांग्रेस सूत्रों की मानें तो पार्टी इसको लेकर कई तरह की सलाह भी दे सकती है. मसलन, अधिक से अधिक वीवीपैट का इस्तेमाल किया जाए. वहीं वोटिंग मशीन में वोट देने का वक़्त 7 की बजाय 10 सेकंड या और ज़्यादा होना चाहिए.

निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता के मुताबिक, मीटिंग में मुख्य चुनाव आयुक्त ओमप्रकाश रावत सहित अन्य दोनों आयुक्त और आयोग का पूरा अमला मौजूद है.

चाणक्यपुरी के प्रवासी भारतीय भवन में चल रही मीटिंग में सभी सात राष्ट्रीय दलों के साथ 51 क्षेत्रीय और राज्य स्तर की पार्टियों के नुमाइंदे भाग ले रहे हैं.

मीटिंग के अलग-अलग सत्रों में चर्चा इन मुद्दों पर भी होगी कि चुनाव खर्च कैसे कम किया जाय और चुनावों के दौरान काले धन का इस्तेमाल कैसे रोका जाए. विधान परिषद के सदस्यों के चुनाव ख़र्च की सीमा कितनी और कैसे तय की जाय इस पर भी राजनीतिक दलों की राय ली जाएगी.

चुनाव प्रचार रुकने के बाद प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ सोशल मीडिया पर भी मनमाने तरीके से प्रचार सामग्री अपलोड जैसी हरकतों को रोकने के लिए आचार संहिता और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 में संशोधन करने पर भी चर्चा होगी.

चुनाव आयोग के प्रवक्ता के मुताबिक प्रवासी भारतीयों, वोटिंग के रोज़ अपने क्षेत्र में अनुपस्थित मतदाता को मतदान का विकल्प देने के उपाय ढूंढने पर भी चर्चा होगी.

बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग इस बैठक में सभी राजनीतिक दलों के सामने पेड न्यूज़, आचार संहिता, भड़काऊ भाषण जैसे मुद्दों पर भी बात कर सकता है.

आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी लगातार देश में एक देश-एक चुनाव कराने की वकालत करती आई है, हालांकि कांग्रेस ने इसका विरोध किया है. कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग में कहा गया है कि देश में एक साथ चुनाव कराना संघवाद के खिलाफ होगा.