Indian Navy: नौ सेना के जंगी जहाजों के लिए प्रोपेलर बनाएगी HEC, पहली भारतीय कंपनी बनने का गौरव

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एचईसी जल्द ही नेवी बोट और जंगी जहाजों की मशीन बनाने का हब बनने जा रहा है। कंपनी को इसके
लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के द्वारा कई प्रोजेक्ट के लिए हरी झंडी मिल गई है।
जंगी जहाज में लगने वाला प्रोपेलर अब एचईसी में बनेगा। एचईसी  को इंडियन नेवी से सात वारशिप का
सामान बनाने का वर्कऑर्डर मिला है।

एचईसी पहली भारतीय कंपनी है जो जंगी जहाजों के लिए प्रोपेलर बना रही है। इससे पहले प्रोपेलर विदेश से
आयात किया जाता था। कंपनी इसके अलावा भी कई विदेशी कंपनियों से जहाज के अलग-अलग पार्ट बनाने
के लिए बात कर रही है। कंपनी साल 2020 में लखनऊ में आयोजित होने वाले डिफेंस कॉन्क्लेव में रक्षा से
जुड़ी कुछ नई तकनीकों का प्रदर्शन करेगी, जिसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

एचईसी ने पी-17 अल्फा वारशिप के कुछ अहम मशीनी हिस्सों का डिजाइन और बनाने का भी काम शुरू
कर दिया है। इस जहाज में बुलिंग कॉस्ट, एंकर ऑउस पाइप और लीप कास्ट का मुख्य रूप से निर्माण
करना है। 31वें इंडो रूस इंटरगवर्नमेंटल कमीशन में रूस की कंपनी रोसोवोरन एक्सपोर्ट के साथ शॉफ्ट
मशीन के प्रोडक्शन पर सहमति बनी थी।

एमओयू के अनुसार रूस की कंपनी को डिजाइन बनाकर देना है और मशीन के प्रोडक्शन का काम एचईसी
को करेगी। इस संबंध में माझगांव डॉक के निदेशक और एचईसी के प्रतिनिधि के बीच सेंट पीटर्सबर्ग में बैठक
हुई थी। इसके बाद रूस की युनाइटेड शिप बिल्डिंग कारपोरेशन और बाल्टिक शिपयॉर्ड ने भी जहाज के कुछ
हिस्से बनाने के लिए कंपनी से संपर्क किया है।