Manufacturing PMI जून में उल्लेखनीय सुधार, रोजगार के मोर्चे पर अभी नहीं मिली है राहत

0
0
Manufacturing PMI जून में उल्लेखनीय सुधार
Manufacturing PMI जून में उल्लेखनीय सुधार

मई के मुकाबले उल्लेखनीय सुधार के बावजूद देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की गतिविधियों में लगातार तीसरे महीने संकुचन देखने को मिला। उल्लेखनीय है कि लगातार 32 माह तक की वृद्धि के बाद अप्रैल में मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई में संकुचन देखने को मिला।

पीएमआई के संदर्भ में 50 से अधिक का आंकड़ा वृद्धि जबकि उससे नीचे का आंकड़ा संकुचन को दिखाता है।

IHS Markit में अर्थशास्त्री इलियट केर्र ने कहा, ”अप्रैल और मई की तुलना में उत्पादन और नए ऑर्डर दोनों में संकुचन में कमी आने से भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की गतिविधियां जून में स्थिरता की तरफ बढ़ीं।”

केर्र ने कहा कि कोरोनावायरस के मामलों में हाल में दर्ज की गई वृद्धि और उस वजह से लॉकडाउन बढ़ाए जाने के कारण मांग कमजोर बनी हुई है। मांग की स्थिति और कमजोर होने की वजह से जून में भी नौकरियों में छंटनी का सिलसिला जारी रहा।

सर्वेक्षण के मुताबिक जून में भी देश में उत्पादन एवं नए ऑर्डर्स में कमी देखने को मिली लेकिन अप्रैल और मई के मुकाबले इसकी गति मंद रही। निर्यात से जुड़े ऑर्डर में लगातार चौथे महीने कमी देखने को मिली।

भारत में कोविड-19 की वजह से मरने वालों की संख्या बढ़कर 17,400 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक इससे संक्रमित लोगों की संख्या 5,85,493 तक पहुंच गई है।

लागत की बात करें तो भारतीय विनिर्माताओं की लागत में कमी आई है और इस वजह से मैन्युफैक्चरर्स ने अपनी औसत आउटपुट कीमतों में कमी की है।

वहीं, कंपनियां 12 महीने के कारोबार को लेकर आशावादी नजर आ रही हैं और कारोबारी सेंटिमेंट चार माह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।