Rafale Fighter Aircraft: भारतीय वायुसेना में राफेल के शामिल होने से बढ़ी चीन और पाक की चिंता, जानें क्‍या है खासियत ….

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भारतीय वायुसेना में आज राफेल लड़ाकू विमान आधिकारिक तौर पर शामिल हो गए हैं। मीटिअर
मिसाइल के साथ राफेल जेट को एशिया का सबसे ताकतवर लड़ाकू विमान कहा जा सकता है।
परमाण राफेल में मीका मिसाइल है जिसे हवा से लॉन्च किया जा सकता है। भारतीय वायुसेना में
राफेल के शामिल होने से सबसे ज्यादा चिंता हमारे पड़ोसी देशों पाकिस्तान और चीन को ही हो
रही है।

दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक राफेल भारतीय सेना की ताकत को मजबूती
करेंगे। पहले चरण में 5 राफेल लड़ाकू विमान भारत के अंबाला एयरबेस पर आए हैं। माना जा
रहा हैं कि राफेल के ये विमान उत्‍तरी सीमा पूर्वी लद्दाख पर तैनात किए जाएंगे और इसके लिए
कमांडरों के साथ बैठक में इस पर चर्चा हा चुकी है। चीन के साथ जारी तनाव के बीच राफेल
का भारत आना महत्वपूर्ण है। यह बहुप्रतीक्षित विमान चीन और पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों
से हर स्तर पर बेहतर हैं। आइए जानते हैं कि भारत को फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमान को खरीदने
की जरूरत क्यों महसूस हुई और चीन- पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों के मुकाबले में राफेल किस
प्रकार बेहतर है।

भारत और चीन के बीच मौजूदा दौर में तनाव को देखते हुए राफेल जैसे लड़ाकू विमान की जरूरत
है। भारत ने बेहद उन्नत F-16 और टाइफून जैसे विमानों की तुलना में फ्रांसीसी राफेल पर विश्वास
जताया। इसका कारण है कि विमान की लागत का करीब 30 फीसद अकेले रडार और सेल्फ
प्रोटेक्शन सिस्टम उपकरणों पर खर्च किया गया है। इस कारण इसका पता लगाना और निशाना
बनाना बेहद मुश्किल होगा।