RRB Group D Result: रेलवे ने कहा- मिल सकते हैं 100 से ज्यादा नंबर, इसमें कुछ भी गलत नहीं

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आरआरबी ग्रुप डी (RRB Group D) परीक्षा में कई उम्मीदवारों को 100 से ज्यादा नंबर मिले हैं. रेल मंत्रालय ने प्रेस रिलीज जारी कर अपना पक्ष रखा है और बताया है कि कैसे उम्मीदवारों को 100 से ज्यादा नंबर मिले हैं.

नई दिल्ली: 

रेलवे ग्रुप डी परीक्षा का रिजल्ट (RRB Group D Result 2019) 4 मार्च को जारी किया गया था. ग्रुप डी (RRB Group D) की परीक्षा में कई उम्मीदवारों को 100 में से 101, 102, 126 नंबर मिले हैं.

कई उम्मीदवारों को 100 से ज्यादा दिए गए हैं. उम्मीदवारों का कहना है कि रेलवे ग्रुप डी (Railway Group D)

भर्ती में बहुत बड़ा घोटाला हुआ है. बता दें कि रेल मंत्रालय (Ministry of Railway) ने प्रेस रिलीज जारी कर ग्रुप डी के रिजल्ट पर अपना पक्ष रखा है.

रेलवे भर्ती बोर्ड का कहना है कि लेवल-1 परीक्षा परिणामों के बारे में गलत सूचना फैलाई जा रही है.

लेवल-1 परीक्षा परिणामों के लिए परीक्षा परिणाम तैयार करने की कोई नई प्रणाली लागू नहीं की गई.

रेलवे ने बताया कि सामान्यीकरण (Normalization) पर उम्मीदवार के प्राप्तांक परीक्षा पत्र के कुल अंकों से अधिक हो सकते हैं. सामान्यीकरण प्रणाली का परिपालन लगभग 19 वर्षों से यानी वर्ष 2000 से किया जा रहा है.

वर्ष 2000 से आयोजित रेलवे भर्ती बोर्ड (Railway Recruitment Board) की सभी परीक्षाओं/कम्प्यूटर आधारित परीक्षा में यह सामान्यीकरण प्रणाली अपनाई गई है. यह कोई असामान्य बात नहीं कि सामान्यीकरण पर उम्मीदवार द्वारा प्राप्त अंक परीक्षा पत्र के कुल अंकों से अधिक हो सकते हैं.
रेलवे भर्ती बोर्ड की पूर्व परीक्षाओं में ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं,
जहां उम्मीदवारों के सामान्यीकृत अंक कुल अंकों से अधिक थे.
सीईएन-02/2018 परिणामों में कोई असामान्यता नहीं है क्योंकि उम्मीदवारों द्वारा
प्राप्त असम्पूर्ण अंक (रॉ स्कॉर)
उनकी सामान्यीकृत अंकों के निर्धारण में महत्वपूर्ण निर्धारक होते हैं.
 लेवल-1 (सीईएन 02/2018) कम्प्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी)
में किसी उम्मीदवार का
अधिकतम सामान्यीकृत अंक 126.13 है. इससे अधिक कोई भी अंक पूरी तरह मनगढ़ंत है.

रेलवे ने कहा कि परिणामों के प्रकाशन से पहले सभी उम्मीदवारों को प्रश्न पत्र,

मास्टर उत्तर कुंजी (मास्टर आंसर की) तथा उनके द्वारा मूल्यांकित उत्तर पत्रक (आंसर शीट) दिखाए गए थे.

14 जनवरी, 2019 से 20 जनवरी, 2019 तक उम्मीदवारों के लिए ‘ऑब्जेक्शन ट्रैकर’ उपलब्ध था.

इस दौरान 1.58 लाख उम्मीदवारों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कीं, जिनपर विचार किया गया और उनकी समीक्षा की गई.

आपको बता दें कि आरआरबी ग्रुप डी रिजल्ट को लेकर पटना में उम्मीदवारों ने जमकर

प्रदर्शन किया और रिजल्ट रद्द करने की मांग की