• 41 C
    New Delhi
Corona Virus Health

कोविड मरीजों में सुधार नहीं लाती,एस्पिरिन दवाई रिसर्च में हुआ खुलासा...

( words)

एस्पिरिन लेने वाले गंभीर कोरोना मरीजों के बचने के प्रमाण नहीं:

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के संक्रामक रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर पीटर हार्वे ने दावा किया कि कोरोना से गंभीर रूप से पीड़ित बहुत कम ही ऐसे मरीजों की सूचना हैं जो इस दवाई के इस्तेमाल के बाद अस्पताल से जिंदा बचकर आ गए। प्रोफेसर हार्वे ने बताया कि इस बात के भी प्रमाण नहीं कि एस्पिरिन लेने वाले गंभीर मरीजों को वेंटीलेटर की जरूरत नहीं पड़ी। इन प्रमाणों के आधार पर ऐसा नहीं लगता कि एस्पिरिन ने कोविड मरीजों को बहुत फायदा पहुंचाया हो।  

एस्पिरिन दवा पर लंदन में नई रिसर्च:

एस्पिरिन दवा पर लंदन में हो रही एक नई रिसर्च में कहा गया है कि इससे मौत की आशंका कम होने के कोई संकेत नहीं मिले है। इससे पहले ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं को उम्मीद थी कि खून में थक्का जमने से रोकने में कारगर एस्पिरिन कोरोना के मरीजों में कारगर साबित होगी। कोरोना के गंभीर रोगियों में खून में थक्का बन जाता है, जिससे हजारों मरीजों की मौत हो जाती है। अध्ययन में वैज्ञानिकों को लगा कि सस्ती दवाई एस्पिरिन बेहद कारगर होगी। इस रिसर्च के बाद गंभीर मरीजों को एस्पिरिन दी भी जाने लगी, लेकिन अब नई रिसर्च में इसके किसी भी तरह के फायदे की बात सामने नहीं आई है।

 गंभीर रूप से बीमार कोरोना के मरीज को एस्पिरिन देने से इस बीमारी से बचने की आशंका कम नहीं होती। कोरोना के मरीज़ों के इलाज को लेकर पिछले साल की एक रिसर्च में यह बात सामने आई थी कि एस्पिरिन लेने वाले कोरोना के मरीजों में मौत का जोखिम कम हो जाता है।

एस्पिरिन का उपयोग

सामान्य तौर पर किसी भी दवा की दुकान में उपलब्ध इस दवा का उपयोग सिर दर्द, महिलाओं के मासिक धर्म, मांसपेशियों में चोट, सर्दी और फ्लू और गठिया के कारण होने वाले मामूली जकड़न, दर्द और बुखार से राहत देने के लिए किया जाता है। लोग दिल के दौरे और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने या हृदय रोग में खून को पतला करने के लिए भी इसका उपयोग करते हैं, जैसा कि इस अध्ययन में शामिल मरीज करते थे।

 

You Might Also Like...

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe now to get notified about Breaking News
from Live4India!