• 41 C
    New Delhi
Corona Virus Health

कोरोना संक्रमित बच्चों के लिए नई गाइडलाइन जारी,

( words)

देश में कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए केंद्र सरकार इस से बचाव को लेकर कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहती. कई विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोरोना की तीसरी लहर आती है तो इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ सकता है.

स्टेरॉयड के बारे में क्या कहा ;डीजीएचएस ने स्टेरॉयड की सिफारिश सिर्फ उन्हीं लोगों के लिए की है, जो कोविड-19 के मध्यम या गंभीर संक्रमण से जूझ रहे हैं और अस्पताल की सख्त निगरानी में भर्ती हैं। स्टेरॉयड का उपयोग सही समय पर, सही खुराक में और सही अवधि के लिए किया जाना चाहिए। बिना सलाह और खुद से स्टेरॉयड सेने से बचना चाहिए।

रेमडेसिविर के बारे में क्या कहा;केंद्र के दिशानिर्देशों में कहा गया है कि रेमडेसिविर, आपातकालीन उपयोग के लिए एक दवा है, जिसक इस्तेमाल बच्चों के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

CT स्कैन के बारे;दिशानिर्देशों में कोविड-19 के मरीज़ों में फेफड़े कहां तक प्रभावित हुए हैं, इसका पता लगाने के लिए उच्च-रिज़ॉल्यूशन सीटी स्कैन यानी HRCT के तर्कसंगत उपयोग का सुझाव दिया है। हालांकि, छाती के एचआरसीटी स्कैन से मिली किसी भी अतिरिक्त जानकारी का अक्सर उपचार के निर्णयों पर बहुत कम प्रभाव पड़ता है, जो लगभग पूरी तरह से नैदानिक ​​​​गंभीरता और शारीरिक दुर्बलता पर आधारित होते हैं।

कोविड-19 के एसिम्पटोमैटिक और हल्के मामलों के लिए;दिशानिर्देशों में कहा गया है कि कोविड -19 एक वायरल संक्रमण है, और रोगाणुरोधी दवाओं से कोविड -19 संक्रमण को रोकना या उपचार मुमकिन नहीं है।स्पर्शोन्मुख (Asymptomatic) और हल्के मामलों के लिए, दिशानिर्देशों में कहा गया है कि एंटीमाइक्रोबियल की सलाह थैरेपी या प्रोफिलैक्सिस के लिए नहीं दी जाती है, जबकि मध्यम और गंभीर मामलों के लिए, एंटीमाइक्रोबियल दवाओं को तब तक निर्धारित नहीं किया जाना चाहिए जब तक कि एक सुपरएडेड संक्रमण का नैदानिक ​​​​संदेह न होऐसे बच्चे जिनमें संक्रमण के कोई लक्षण नहीं हैं, लेकिन टेस्ट में पॉज़ीटिव पाए गए हैं, तो उनके लिए इन दिशा-निर्देशों में कोई ख़ास दवा नहीं दी गई है, लेकिन कोविड-उपयुक्त व्यवहार जैसे मास्क, हाथों की स्वच्छता, शारीरिक दूरी को बढ़ावा दिया गया है। साथ ही पौष्टिक आहार देने का सुझाव भी दिया है।गाइडलाइंस में कहा गया है कि हल्के संक्रमण में अगर बुख़ार या गला ख़राब है, तो हर 4-6 घंटे में पैरासिटामोल 10-15 मिलीग्राम/किलोग्राम/खुराक दी जा सकती है। साथ ही खांसी के लिए गर्म पानी के ग़रारे किए जाने चाहिए।

मध्यम और गंभीर मामलों के लिएमध्यम और गंभीर संक्रमण के मामले में, दिशा-निर्देश में तत्काल ऑक्सीजन थेरेपी शुरू करने का सुझाव दिया है। मध्यम संक्रमण वाले सभी बच्चों में कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स की आवश्यकता नहीं होती है, हालांकि अगर संक्रमण तेज़ी से बढ़ रहा है, तो इसका उपयोग किया जा सकता है।बच्चों में गंभीर कोविड -19 के लिए, दिशानिर्देशों में कहा गया है कि यदि एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (ARDS) विकसित होता है, तो इसके लिए आवश्यक प्रबंधन किए जाए। अगर शॉक विकसित होता है, तो आवश्यक प्रबंधन शुरू किए जाने चाहिए। एंटीमाइक्रोबियल दवाओं को तब तक निर्धारित नहीं किया जाना चाहिए जब तक कि एक सुपरएडेड संक्रमण का नैदानिक ​​​​संदेह न हो।दिशानिर्देशों में 12 वर्ष से अधिक के बच्चों के लिए माता-पिता/अभिभावकों की देखरेख में छह मिनट के वॉक टेस्ट की भी सिफारिश की गई है। यह एक बेहद आसान क्लीनिकल टेस्ट है, जिसकी मदद से आपके फेफड़ों की सेहत का पता चलता है। साथ ही इससे हाइपॉक्सिया का भी पता चल जाता है। बच्चे की उंगली पर पल्समीटर लगाएं और कमरे में लगातार 6 मिनट के लिए चलने के लिए कहें। उसके बाद बच्चे का ऑक्सीजीन स्तर जांचें।

You Might Also Like...

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe now to get notified about Breaking News
from Live4India!