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कपल्स को एक बार जरूर जाना चाहिए कोल्लम की इन जगह पर बहुत ही रोमेंटिक है ये जगह

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केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट से करीबन 80 किमी दूर स्थित है कोल्लम शहर और जिला। एक लंबी और सुंदर तटरेखा के साथ संपन्न, कोल्लम में कई शांतिपूर्ण और दर्शनीय स्थल हैं। यहां आप आधुनिक जीवनशैली और प्राचीन इतिहास को देख सकते हैं। चूंकि यह अष्टमुडी झील के तट पर स्थित है, इसलिए यह बैकवाटर में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक है। अगर आप दोनों अपनी बोरिंग लाइफ से कुछ समय के लिए छुटकारा पाना चाहते हैं, तो कोल्लम आपके लिए परफेक्ट प्लेस है। चलिए आपको इस शहर की कुछ खास जगहों के बारे में बताते हैं -

कोल्लम में पलारुवी जलप्रपात

पलारुवी वॉटरफॉल, 300 फीट की ऊंचाई से नीचे की ओर गिरता है, जो कुट्रलम में प्रमुख आकर्षणों में से एक है, कुछ लोग तो इसे कुट्रालम, तमिलनाडु कहते हैं। इस जगह पर घूमने का सबसे अच्छा समय जून से जनवरी का महीना है। इसकी इतनी ऊंचाई की वजह से ये देश का 32 वां सबसे ऊंचा वॉटरफॉल है। पलारुवी नाम का अर्थ क्षेत्रीय भाषा में 'दूध की धारा' है। ये वॉटरफॉल चारों ओर से पहाड़ियों और धुंध से घिरा हुआ है, वैसे ये कपल्स के लिए पिकनिक मनाने के लिए बेस्ट स्पॉट है।

कोल्लम में मय्यनाड

हिंदुओं और मुसलमानों के लिए कई लोकप्रिय मंदिरों का केंद्र, मय्यनाड कोल्लम शहर से लगभग 10 किमी दूर स्थित है, जिसमें कुछ नौ महत्वपूर्ण मंदिर मौजूद हैं। ये शहर यह परवूर झील के किनारे और अरब सागर के तट पर भी स्थित है। इस जगह का प्रमुख आकर्षण भगवान सुब्रमण्यम मंदिर है, इस क्षेत्र में एक पुरानी मस्जिद और कई पुराने चर्च भी हैं, जहां आप जा सकते हैं।

कोल्लम में जटायु अर्थ सेंटर

जटायु नेचर पार्क एक रॉक-थीम वाला पार्क है जिसे 25 नवंबर, 2017 को खोला गया था। एडवेंचर पार्क में 6डी थिएटर एक ऑडियो-विजुअल डिजिटल रूम, केबल कार और आयुर्वेदिक गुफा रिसॉर्ट है। यह पेंटबॉल, लेजर टैग, तीरंदाजी, बोल्डरिंग, रॉक क्लाइम्बिंग, एयर-राइफल शूटिंग आदि सहित कई साहसिक गतिविधियों का भी घर है। पहाड़ी की चोटी पर स्थित एक विशाल जटायु पक्षी की प्रतिमा है, जो कि निश्चित रूप से बेहद ही अद्वितीय है। ये पार्क सुबह 9:30 से 5:30 बजे तक खुलता है।

कोल्लम की अष्टमुडी झील

केरल की दूसरी सबसे बड़ी झील, अष्टमुडी झील कोल्लम जिले में स्थित है। यह झील 16 किलोमीटर की लंबाई में फैली हुई है और कोल्लम शहर के लगभग 30% हिस्से को कवर करती है। इसका नाम, अष्टमुडी दो शब्दों 'अष्ट' से बना है जिसका अर्थ है आठ और 'मुडी' का अर्थ शाखा है, जिससे इस तथ्य को बताते हुए कि झील की आठ शाखाएं हैं। सभी आठ शाखाएँ एक ही चैनल में परिवर्तित हो जाती हैं जो अरब सागर से मिलती है। झील के चारों ओर नारियल के पेड़ और ताड़ के पेड़ इसकी सुंदरता में चार चांद लगाते हैं। इस झील की हाउसबोट यात्रा कोल्लम में सबसे लोकप्रिय चीजों में से एक है।

कोल्लम से करुणागपल्ली

करुणागपल्ली शहर कोल्लम जिले से 23 किमी दूर स्थित है। यह कोल्लम की नगर पालिका है और इसमें रिसॉर्ट और खूबसूरत समुद्र तट शामिल हैं। इस जगह की खूबसूरती की वजह से इसे "भगवान का अपना देश" भी हैं। शहर में आने वाले पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण अलुमकादावु में हाउसबोट सुविधा है जो करुणागपल्ली शहर से बेहद करीब है। अगर हम इस शहर के इतिहास की बात करें, तो यह असल में एक बौद्ध स्थल था, यही वजह है कि आपको कृष्णपुरा पैलेस नामक एक खूबसूरत जगह दिखाई देगी, जिसमें भगवान बुद्ध के देवता निवास करते हैं।

कोल्लम बीच

इन दिनों डेस्टिनेशन वेडिंग का चलन है और कोल्लम बीच भी केरल की उन्हीं जगहों में आता है, जहां कपल्स अपनी शादी करना पसंद करते हैं। यहां के लुभावने प्राकृतिक दृश्य को महात्मा गांधी समुद्र तट के रूप में भी जाना जाता है। समुद्र तट पर एक लाइटहाउस भी है, जिसे तांगसेरी लाइटहाउस कहा जाता है, जो कोल्लम समुद्र तट पर एक प्रमुख मील का पत्थर है। ये बीच पूरे साल देसी और विदेश पर्यटकों से भरा रहता है, आप भी आकर यहां बीच के साथ-साथ कई एडवेंचर गतिविधियों का मजा ले सकते हैं।

कोल्लम की थेवली पैलेस

कोल्लम में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक थेवली पैलेस है। महल अष्टमुडी झील के तट पर स्थित है। ये महल कभी त्रावणकोर के महाराजा के घर के रूप में कार्य किया जाता था, इसका निर्माण 1800 और 1819 के बीच गौरी पार्वती बाई के शासन में किया गया था। महल के बारे में खास बात यह है कि यह डच, अंग्रेजी और पुर्तगाली शैली की वास्तुकला का एक दिलचस्प संलयन प्रस्तुत करता है। इसकी संरचना हर पर्यटक का मन मोह लेती है, इतिहास प्रेमियों को इस जगह पर एक बार जरूर जाना चाहिए।

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