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वृन्दावन में बांके बिहारी मंदिर घूमने के साथ-साथ इन मंदिरों में भी दर्शन करने के लिए जरूर निकालें समय

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इस बार बांके बिहारी जी के दर्शन करने के बाद इन प्रसिद्ध मंदिरों में भी दर्शन करने जरूर जाएं। इन मंदिरों की भी अपनी ही एक अलग महत्ता है।

1. प्रेम मंदिर

भव्यता से परिपूर्ण, प्रेम मंदिर एक विशाल मंदिर है, जिसे वर्ष 2001 में जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज द्वारा बनवाया गया था। ये मंदिर "भगवान के प्रेम का मंदिर" के रूप में जाना जाता है। यह भव्य धार्मिक स्थान राधा कृष्ण के साथ-साथ सीता राम को भी समर्पित है। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के पवित्र शहर वृंदावन में स्थित यह मंदिर पवित्रता और शांति से भरपूर है। इस मंदिर में आप रोजाना सुबह 8:30 से दोपहर के 12 बजे के बीच जा सकते हैं या फिर शाम के 4:30 बजे से रात के 8:30 बजे के बीच भी जा सकते हैं।

2.इस्कॉन वृंदावन मंदिर

इस्कॉन वृंदावन मंदिर, श्री कृष्ण बलराम मंदिर के रूप में भी जाना जाता है। इस्कॉन वृंदावन स्वामी प्रभुपाद (इस्कॉन के संस्थापक-आचार्य) का एक सपना था कि कृष्ण और बलराम दो भाइयों के लिए भी एक मंदिर बनवाना चाहिए और वो भी उसी पवित्र शहर में जहां वे एक साथ कई सदियों पहले खेला करते थे। यहां प्रतिदिन होने वाली आरती और भगवद गीता की कक्षाओं से दिव्य मंदिर में आने वाले लोग मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। ये मंदिर रोजाना सुबह 4:30 बजे से दोपहर के 1 बजे तक खुलता है, वही शाम 4:30 बजे से रात के 8:30 बजे तक खुलता है।

3.राधा रमण मंदिर

वृंदावन रेलवे स्टेशन से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित राधा रमन मंदिर वृंदावन में सबसे आधुनिक हिंदू मंदिरों में से एक है। यह मंदिर भगवान कृष्ण को समर्पित है, जिन्हें राधा रमन माना जाता है, जिसका अर्थ है राधा को प्रसन्न करने वाला। राधा रमन मंदिर परिसर में गोपाल भट्ट की समाधि भी है, जो राधा रमन की मूर्ति के ठीक बगल में स्थित है। ये मंदिर रोजाना सुबह 8:00 बजे से दोपहर के 12:30 बजे तक खुलता है, वही शाम 6:00 बजे से रात के 8:00 बजे तक खुलता है।

4.श्री रंगनाथ मंदिर

वृंदावन लोकप्रिय रूप से "मंदिरों के शहर" और "भगवान की भूमि" के रूप में जाना जाता है। श्री रंगनाथ मंदिर इस खूबसूरत शहर में स्थित एक प्रमुख और प्रसिद्ध मंदिर है। यह आसपास का सबसे बड़ा मंदिर भी है। यह भगवान विष्णु और उनकी पत्नी, लक्ष्मी को समर्पित है। श्री रंगनाथ मंदिर में भगवान नरसिंह, वेणुगोपाल और रामानुजाचार्य के साथ राम, सीता और लक्ष्मण की मूर्तियों को भी प्रदर्शित किया गया है। ये मंदिर रोजाना सुबह 7:00 बजे से दोपहर के 11:00 बजे तक खुलता है, वही शाम 5:30 बजे से रात के 8:00 बजे तक खुलता है।

5. शाहजी मंदिर

शाहजी मंदिर का निर्माण वर्ष 1876 में शाह कुंदन लाल द्वारा किया गया था और यह भगवान कृष्ण को समर्पित है। यहां के मुख्य देवता को छोटे राधा रमन के नाम से जाना जाता है। इसकी प्रभावशाली संगमरमर की संरचना में प्रत्येक 15 फीट की ऊंचाई के 12 सुंदर सर्पिल स्तंभ हैं और साथ ही हॉल में बसंती कामरा भी है जो की एक बेल्जियन के कांच का झूमर है। ये मंदिर रोजाना सुबह 8:00 बजे से दोपहर के 11 बजे तक खुलता है, वही शाम 5:30 बजे से रात के 7:30 बजे तक खुलता है।

6. गोविंद देवी जी मंदिर

माना जाता है कि जिस शहर में हिंदू भगवान, भगवान कृष्ण ने अपना बचपन बिताया था, उसी शहर की गोद में बैठा गोविंद देवजी मंदिर पिछली पांच शताब्दियों से एक वास्तुशिल्प चमत्कार के रूप में खड़ा है। लाल बलुआ पत्थर से बने इस मंदिर में भगवान कृष्ण को उनके बचपन के घर में दिखाया गया है। वृंदावन मथुरा का एक जुड़वां शहर है, जहां श्री कृष्ण का जन्म हुआ था और ये गोकुल से सटा हुआ है, जहां माना जाता है कि उन्होंने अपने बचपन के शुरुआती साल यही बिताए थे। ये मंदिर रोजाना सुबह 4:30 बजे से दोपहर के 12:30 बजे तक खुलता है, वही शाम 5:30 बजे से रात के 9:00 बजे तक खुलता है।

7. प्रियकांत जू मंदिर

प्रियकांत जू को वृंदावन के सबसे खूबसूरत मंदिरों में से एक माना जाता है। भवन को एक विशाल कमल के आकार में बनाया गया है, जिसके आसपास छोटा सा पानी का तालाब भी मौजूद है। शहर के अधिकांश अन्य मंदिरों की तरह, इसमें भी राधा और कृष्ण जी की मूर्तियां विराजमान हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से प्रियकांत जू कहा जाता है। इस मंदिर में जाने का सबसे अच्छा अच्छा शाम का वक्त है, क्योंकि पूरा परिसर सुंदर रोशनी से जगमगा रहा होता है। ये मंदिर रोजाना सुबह 6:00 बजे से दोपहर के 12:30 बजे तक खुलता है, वही शाम 4:30 बजे से रात के 8:30 बजे तक खुलता है।

 

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