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अगर जा रहे हो महाबलेश्वर घूमने तो यहां स्थित इन मंदिरों के दर्शन करने जरूर जाएं

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महाबलेश्वर कभी देश में ब्रिटिश राज के समय बॉम्बे की ग्रीष्मकालीन राजधानी हुआ करता था। शहर में प्राचीन मंदिर, हरे भरे घने जंगल, झरने, पहाड़ियां, घाटियां शामिल हैं, साथ ही ये जगह अपने खूबसूरत स्ट्रॉबेरी फार्म के लिए भी जानी जाती है। साथ ही महाबलेश्वर अपने खूबसूरत मंदिरों की वजह से भी लोगों को बेहद आकर्षित करता है। चलिए आपको यहां के कुछ लोकप्रिय मंदिरों के बारे में बताते हैं -

महाबलेश्वर में कृष्णाबाई मंदिर

कृष्णबाई मंदिर भगवान कृष्ण की पूजा के लिए समर्पित महाबलेश्वर के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है। सुंदर मंदिर एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है, जो भव्य कृष्णा घाटी के लुभावने दृश्य प्रस्तुत करता है। कृष्णबाई मंदिर का निर्माण 1888 में किया गया था, जो भगवान शिव को समर्पित है। इस खूबसूरत जगह तक पहुँचने के लिए एक छोटे से ट्रैकिंग पॉइंट को पार ककरण पड़ता है। अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध इस मंदिर की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय मानसून के मौसम के दौरान होता है, जब यहां की ठंडी-ठंडी हवाएं इस जगह को और अनोखा बना देती हैं।

महाबलेश्वर में पंचगंगा मंदिर

पंचगंगा मंदिर महाबलेश्वर में सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है, जिसका आध्यात्मिक महत्व सर्वोपरि है। मंदिर ठीक उसी बिंदु पर स्थित है जहाँ पाँच नदियाँ कृष्णा, सावित्री, कोयना, वीणा और गायत्री अपना जल मिलाती हैं। इसे देवगिरी के यादवों के राजा राजा सिंह देव द्वारा 13 वीं शताब्दी में बनवाया था। इसमें गौमुखी नामक एक पत्थर का जलकुंड है, जहां से माना जाता है कि पांच नदियों का उद्गम होता है। आप मंदिर के आसपास स्थित हस्तशिल्प की दुकानों से सुंदर स्मृति चिन्ह भी खरीद सकते हैं। महाबलेश्वर की यात्रा में आपको पंचगंगा मंदिर को जरूर देखना चाहिए।

महाबलेश्वर मंदिर

महाबलेश्वर मंदिर भारत के सबसे पवित्र और धार्मिक स्थलों में से एक है। इसे 16 वीं शताब्दी में शासन करने वाले मराठा साम्राज्य की महिमा और समृद्ध विरासत का सही प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतीक के रूप में माना जाता है। मंदिर महाबलेश्वर शहर से 6 किलोमीटर दूर स्थित है और इसे महाबली के नाम से जाना जाता है। महाबलेश्वर मंदिर हिंदू देवता शिव की पूजा के लिए समर्पित है और इसका निर्माण 'चंदा राव मोरे' वंश द्वारा किया गया था। मंदिर के भीतरी भाग में भगवान शिव की मूर्ति के साथ गर्भगृह है। इस मंदिर का सबसे बड़ा आकर्षण शिव लिंगम है जो 6 फीट लंबा है। मंदिर की वास्तुकला दक्षिण भारत की हेमदंत स्थापत्य शैली को दर्शाती है।

महाबलेश्वर में भूषण महामुनि

भूषण महामुनि को महाबलेश्वर में घूमने के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल माना जाता है। उत्तरी भागों में स्थित भूषण महामुनि धार्मिक स्थल को श्रीक्षेत्र महाबलेश्वर भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है पवित्र स्थान का मंदिर। भूषण महामुनि भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित है और इसका एक प्रमुख महत्व यह है कि यह खुद से उत्पन्न शिव लिंग का आधार है। भूषण महामुनि सप्ताह के प्रत्येक दिन सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक खुला रहता है।

महाबलेश्वर में शंकर मंदिर

महाबलेश्वर में शंकर मंदिर एक बहुत ही महत्वपूर्ण आध्यात्मिक स्थान है और लोग स्वयंभू शिव लिंग के दर्शन करने के लिए यहां आते हैं, विशेष रूप से हिंदुओं के लिए ये मंदिर बेहद पवित्र है। शंकर मंदिर को लोकप्रिय रूप से ब्रह्मा, विष्णु और महेश्वर देवताओं के त्रिकोण के रूप में भी जाना जाता है। इन देवताओं को शिव लिंग में उकेरा और अवतरित किया गया है और शिव के अलावा उनकी भी पूजा की जाती है। शिव लिंग के सबसे ऊपरी भाग में पंचगंगा नदियों की नक्काशी है। कई लोग इस जगह को प्रसिद्ध शासक शिवाजी की कहानी से जोड़ते हैं, जिनके बारे में माना जाता था कि वे अपनी मां जीजा बाई के साथ यहां आए थे।

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