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अगर घूमना चाहते हो तमिलनाडु तो इन खूबसूरत और शानदार जगहों पर जरूर जायें

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कोयम्बटूर भारत के तमिलनाडु राज्य का बेहद ही खूबसूरत शहर है, जिसे कोवई और कोयमुथुर के नाम से भी जाना जाता है। ये शहर नोय्याल नदी के तट पर मौजूद है और पश्चिमी घाट से घिरा हुआ है। आपको बता दें, इसे दक्षिण भारत का मैनचेस्टर भी कहा जाता है। कोयम्बटूर विकास के मामले में काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है, साथ ही ये तमिलनाडु का दूसरा सबसे बड़ा शहर भी है। यहां के दर्शनीय स्थलों की वजह से हमेशा यहां लोगों की सबसे ज्यादा भीड़ देखी जाती है। चलिए आपको भी कोयम्बटूर के कुछ फेमस टूरिस्ट जगहों के बारे में बताते हैं -

कोयम्बटूर का मरुधमलाई हिल मंदिर

पश्चिमी घाट पर लगभग 500 फीट की ऊंचाई पर स्थित, मरुधमलाई मंदिर एक पहाड़ी के ऊपर स्थित है जहां से आपको पहाड़ी के खूबसूरत नजारे देखने को मिल सकते हैं। मंदिर की खूबसूरत सिर्फ यही नहीं थमती, मंदिर की द्रविड़ वास्तुकला भी देखने लायक है। भगवान मुरुगन या कार्तिकेय मंदिर के मुख्य देवता हैं। इस मंदिर की एक और विशेषता यह है कि इसमें औषधीय जड़ी-बूटियां उगाई जाती हैं जिनका उपयोग आयुर्वेदिक दवाएं बनाने के लिए किया जाता है।

कोयम्बटूर में आदियोगी शिव स्टेचू

पश्चिमी घाट में वेल्लियांगिरी पर्वत की तलहटी में हरे-भरे खेतों से घिरी आदियोगी शिव प्रतिमा प्रसिद्ध हिंदू देवता शिव को समर्पित दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति है, जिसे 500 टन स्टील से उकेरा गया है। तमिलनाडु के कोयंबटूर में ईशा योग परिसर में स्थित यह मूर्ति 112 फीट की ऊंचाई पर खड़ी है। गिनीज वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने प्रतिमा को "सबसे बड़ी बस्ट मूर्तिकला" के रूप में मान्यता दी है, निचले भाग को छोड़कर मूर्ती 34.3 मीटर लंबी है और चबूतरे को मिलाकर मूर्ती 45 मीटर लंबी और 7.62 मीटर चौड़ी है। ईशा फाउंडेशन के संस्थापक- सद्गुरु जग्गी वासुदेव द्वारा डिजाइन की गई, प्रतिमा का उद्घाटन 24 फरवरी, 2017 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। मूर्तिकला का निर्माण योग को प्रेरित करने और बढ़ावा देने के विचार के साथ किया गया था, और प्रतिमा को "आदियोग" कहा जाता है।

कोयंबटूर में वैदेही फॉल्स 

वैदेही जलप्रपात कोयंबटूर शहर से लगभग 35 किमी दूर स्थित है। जो लोग कोयंबटूर घूमने के लिए आ रहे हैं, उन्हें वैदेही वॉटरफॉल की यात्रा भी जरूर करनी चाहिए। वैदेही जलप्रपात अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है। अपने प्राकृतिक आकर्षण और सुंदरता के कारण जलप्रपात ने बड़ी संख्या में पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित किया है। इस जगह जाकर आप शांति से बैठकर वॉटरफॉल की ढेर सारी तस्वीरें खींच सकते हैं।

कोयम्बटूर का कोवई कोंडट्टाम

कोयंबटूर के शीर्ष पर्यटक आकर्षणों में से एक, यह पार्क अपने परिवार वालों और दोस्तों के साथ कुछ क्वालिटी टाइम स्पेंड करने के लिए मजेदार जगह मानी जाती है। कोवई कोंडट्टम एक मनोरंजन पार्क है जो अपने कई पानी और राइड्स, डैशिंग कारों, वेव पूल, एक्वा डांस, रॉक क्लाइंबिंग, वीडियो पार्लर इत्यादि के लिए जाना जाता है। इस पार्क के अन्य लोकप्रिय आकर्षणों में जॉइंट व्हील, समुद्री डाकू जहाज, पानी की स्लाइड, मेरी-गो-राउंड, फूड स्टॉल, वाटर फॉल्स आदि शामिल हैं। इस मनोरंजन पार्क में आप घूमते-घूमते थक जाएंगे लेकिन यहां की देखने लायक चीजें खत्म नहीं होंगी।

वीओसी पार्क और चिड़ियाघर, कोयंबटूर 

वीओसी पार्क और चिड़ियाघर, जिसे वी.ओ.चिदंबरनार पार्क के रूप में भी जाना जाता है, एक मनोरंजन पार्क और जूलॉजिकल गार्डन है जो ज्यादातर मनोरंजन के उद्देश्य से कोयंबटूर के स्थानीय लोगों द्वारा देखा जाता है। पार्क और चिड़ियाघर उन परिवारों के लिए एक पसंदीदा पिकनिक स्थल है जो अपने बच्चों को जानवरों की दुनिया से अवगत कराना चाहते हैं। पार्क में बच्चों के लिए एक खेल का मैदान, एक मछलीघर और एक जुरासिक पार्क है जहाँ न केवल बच्चे बल्कि वयस्क भी मज़े कर सकते हैं। चिड़ियाघर में पक्षियों, स्तनधारियों और सरीसृपों सहित लगभग 30 प्रजातियों के 500 से अधिक जानवर हैं।

कोयंबटूर का पेरूर पाटेश्वरर मंदिर

यह काफी प्राचीन मंदिर है जिसे भगवान पाटेश्वर स्वामी की पूजा के लिए बनाया गया था, जिन्हें आमतौर पर भगवान नटराज के नाम से जाना जाता है। मंदिर मुख्य शहर से लगभग 9 किमी की दूरी पर स्थित है और इसकी भव्य वास्तुकला, प्राचीन कलाकृति, पेंटिंग, मूर्तियों, नक्काशी और अवशेषों के लिए काफी हद तक जाना जाता है। इसके अलावा, जब आप मंदिर में प्रवेश करते हैं, तो आपको कामधेनु द्वारा दी गई भगवान पाटेश्वर की एक राजसी मूर्ति देखने को मिलेगी, जिनके चेहरे पर एक निशान बना हुआ है। यह कोयंबटूर के सबसे बड़े मंदिरों में से एक है और इस प्रकार इसे कोयंबटूर में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहों की सूची में शामिल किया जाता है।

कोयम्बटूर में सिरुवानी झरना और बांध

200 किमी के भीतर कोयंबटूर में घूमने के लिए सबसे मनोरम स्थानों में से एक, सिरुवानी झरना, जो कोवई कुतरालम जलप्रपात के रूप में भी जाना जाता है, किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यह कोयंबटूर शहर से लगभग 37 किलोमीटर दूर है। यहां के वन्य जीवन और प्रकृति को करीब से देखने के लिए ये जगह पूरे साल पर्यटकों से भरी रहती है। यहां रहते हुए, आप नीलगिरि पर्वतमाला के बीच एक रोमांचक ट्रैक के लिए जा सकते हैं, पक्षियों को देख सकते हैं, या अपने समूह के साथ जंगल सफारी पर जा सकते हैं। इससे अलावा सिरुवानी बांध भी एक और जगह जहां आप आप अपनी आत्मा को तृप्त कर सकते हैं।

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