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ये हैं दुनिया की 7 सबसे बड़ी मस्जिदें, जहां हर मुस्लिम एक बार जरूर जाना चाहेगा

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मस्जिदें मुसलमानों की इबादतगाह है और दुनियाभर में ऐसी कई खूबसूरत और अजीम मस्जिदें हैं, जिन्हें आप यूरोपीय देशों से लेकर एशियाई देशों में देख सकते हैं। ये खूबसूरत मस्जिदें धर्मस्थल होने के साथ-साथ स्थापत्य और कला की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। चलिए आज हम आपको दुनिया की 7 खूबसूरत और सबसे बड़ी मस्जिदों से आपको रूबरू करवाते हैं।

मस्जिद अल हरम

मक्का में मौजूद अल हरम मस्जिद दुनिया की सबसे बड़ी मस्जिद है, जो करीब साढ़े तीन लाख वर्ग कलोमीटर में फैली हुई है। इस मस्जिद में अंदर काबा है, जो इस्लाम का मुख्य पवित्रस्थल है। इस मस्जिद में गैर मुस्लिम पर्यटकों को आने की अनुमति नहीं है, सांस्कृतिक रूप से जानकारी रखने वाले लोग दूर से ही इसके बारे में जानकारी ले सकते हैं। इस मस्जिद का निर्माण 16वीं सदी में हुआ था, जिसमें 9 मीनारें मौजूद हैं।

शेख जायद मस्जिद

अबू धाबी में मौजूद शेख जायद मस्जिद, दुनिया की सबसे बड़ी मस्जिदों में 9वें स्थान पर आती है। यह न केवल अपने आकार के लिए बल्कि अपनी आश्चर्यजनक सुंदरता के लिए भी प्रसिद्ध है। यह अबू धाबी शहर के मुख्य श्रंगार में से एक है। वहीं, इसमें एक साथ करीब 40 हजार लोग आ सकते हैं। मस्जिद अपने इंटीरियर से बेहद प्रभावित करती है, इसमें इमारतों की सजावट के लिए रंगीन संगमरमर और अर्ध कीमती पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही इसमें 24 कैरेट सोने का चमकदार झूमर भी है। इस मस्जिद की एक और खासियत ये भी है कि इसमें दुनिया का सबसे बड़ा हाथ से बुना हुआ कालीन बिछाया गया है। मस्जिद का क्षेत्रफल 22 हजार वर्ग मीटर है।

नासिर अल-मुल्क मस्जिद

ईरान के शिराज में स्थित, नासिर अल-मुल्क अपनी बहुरूपदर्शक सुंदरता के लिए जाना जाता है। प्रकाश और इबादत को आपस में जोड़ने के लिए, मस्जिद की इंटीरियर डिजाइनिंग अपने में ही एक मास्टरपीस है। मिर्जा हसन अली नासिर अल मोल्क जो कि काजर राजवंश के एक राजा थे, उनके आदेश पर इस मस्जिद को को बनाने में कम से कम 12 साल लगे और इसे 1888 में पूरा किया गया। नासिर अल-मुल्क की खिड़कियों पर पड़ती धूप बेहद खूबसूरत लगती है, जिसकी वजह से कालीन और आसपास की दीवारें रंगीन लगने लगती हैं।

सुल्तान उमर अली सैफुद्दीन मस्जिद

सुल्तान उमर अली सैफुद्दीन मस्जिद सल्तनते ब्रूनाई की राजधानी Bandar seri Begawan में मौजूद है। मस्जिद का बाहरी डिजाइन बेहद भव्य और फोटोजेनिक है। मस्जिद के आसपास के क्षेत्र में बैठने के लिए सभा स्थल मौजूद है। सुल्तान उमर अली सैफुद्दीन मस्जिद में केवल प्रार्थना के समय आने की अनुमति है। ये दक्षिण पूर्व एशिया की सबसे खूबसूरत मस्जिदों में से एक है।

सुल्तान अहमद मस्जिद

17 वीं शताब्दी में निर्मित, इस्तांबुल की ब्लू मस्जिद में छह मीनारें हैं और कई अलंकृत गुंबद भी हैं जो इसकी राजसी जैसी उपस्थिति को दर्शाते हैं। इस मस्जिद को इसकी नीली इज़निक टाइलों के लिए जाना जाता है, जो इंटीरियर को सुशोभित करती हैं। ब्लू मस्जिद को सुल्तान अहमद मस्जिद भी कहते हैं। हालांकि यह अभी भी एक सक्रिय मस्जिद है और केवल उपासक ही इसके मुख्य द्वार से प्रवेश कर सकते हैं, पर्टयकों को रोजाना प्रार्थना के समय बाहर रुकना पड़ता है। इस मस्जिद की तामीर का काम 1609 में शुरू होकर 1616 तक में खत्म हुआ था।

दिल्ली जामा मस्जिद

दिल्ली में स्थित, जामा मस्जिद भारत की सबसे बड़ी मस्जिद है, जिसमें एक प्रांगण है जो 25,000 उपासकों की मेजबानी कर सकता है। लाल बलुआ पत्थर और सफेद संगमरमर से निर्मित, मस्जिद दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले शहरों में आता है। पर्यटक मस्जिद में प्रवेश कर सकते हैं, लेकिन फोटो खींचने के लिए आपको यहां कुछ फीस देनी पड़ती है। इस मस्जिद को मुगल शहंशाह शाहजहां ने तामीर कवाया था।

पैगंबर मस्जिद, मदीना

सबसे बड़ी और सबसे महत्वपूर्ण मस्जिद मदीना में है। यह पैगंबर, या मस्जिद अल-नबावी की मस्जिद है। आमतौर पर यह माना जाता है कि मस्जिद का निर्माण 622 में शुरू हुआ था, और पैगंबर मुहम्मद ने स्वयं इसे बनवाया था। यही वो मस्जिद है जहाँ पैगंबर मुहम्मद की कब्र है। सामान्य समय में पैगंबर मस्जिद में लगभग 600 हजार लोग नमाज अदा करते हैं। वैसे ये मस्जिद 1 मिलियन लोगों के नमाज अदा करने की क्षमता रखता है। मस्जिद का क्षेत्रफल लगभग 400 हजार वर्ग मीटर है।

 

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