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अगर आप लगवाने वाले है इंटरनेट तो जान लें Wired और Wireless Router के बीच का अंतर

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कोरोना काल में अधिकतर लोग घर से काम कर रहे हैं। वर्क फ्रॉम होम के दौरान इंटरनेट कनेक्टिविटी की भी डिमांड बढ़ी है। अगर आप ने भी घर में अपना ऑफिस खोल रखा है, यानी की Work From Home कर रहे हैं, तो आपके पास भी अपना ऑफिस का काम पूरा करने के लिए दो विकल्प रहते हैं, एक- वायर्ड कनेक्शन और दूसरा- वायरलेस कनेक्शन। वायर्ड कनेक्शन और वायरलेस कनेक्शन के बीच में क्या अंतर है? क्या आप इस सवाल का जवाब जानते हैं? अगर नहीं, तो इस पूरे आर्टिकल को आपको जरूर पढ़ना चाहिए।

वायर्ड कनेक्शन के दौरान ज्यादातर ऐसा होता है कि आपके डिवाइस को राउटर या फिर मॉडम से कनेक्ट करने के लिए Ethernet केबल्स का इस्तेमाल किया जाता है। आप उपयुक्त हार्डवेयर के साथ अपने होम फोन लाइन सिस्टम का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। आपको बता दें कि राउटर्स दो प्रकार के होते हैं - वायर्ड और वायरलेस राउटर, जो कनेक्शन के नेचर को परिभाषित करते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको वायर्ड और वायरलेस राउटर के बारे में हर जानकारी देने जा रहे हैं।

Wireless Router क्या है?

वायरलेस राउटर सीधे मॉडम या फिर केबल से कनेक्ट होता है। ये आपको इंटरनेट से डाटा एकत्र करने और उसे जानकारी भेजने की सुविधा देता है। ये राउटर इन-बिल्ट एंटेना का इस्तेमाल करता है जो आपके Wi-Fi नेटवर्क से कनेक्ट करता है। आखिर में इंटरनेट आपके होम नेटवर्क पर सभी डिवाइस के लिए वायरलेस तरीके से उपलब्ध होगा।

Wired Router क्या होता है?

वहीं, दूसरी तरफ वायर्ड राउटर सीधे वायर्ड लिंक पर डिवाइस से कनेक्ट होता है। इसमें आपको एक पोर्ट मिलेगा, जो मॉडम से जुड़ने के लिए इंटरनेट से लिंक होगा। पोर्ट के माध्यम से डाटा संचारित करने के लिए वायर्ड राउटर कंप्यूटर के साथ-साथ अन्य डिवाइस से भी कनेक्ट होगा।

Wired और Wireless Routers में अंतर क्या है?

  • जब इंटरनेट स्पीड की बात आती है, तो वायर्ड राउटर बेस्ट इंटरनेट स्पीड प्रदान करता है।
  • अधिकांश वायर्ड नेटवर्क कनेक्शन 10 से 100 Mbps की बैंडविड्थ प्रदान करते हैं। जबकि वायरलेस कनेक्शन की तुलना में कम बैंडविड्थ प्रदान करता है।
  • वायर्ड राउटर को विश्वसनीय कनेक्शन कहा जा सकता है। क्योंकि इसमें लाइन सीधे राउटर में प्लग की जाती है।
  • दूसरी ओर जब आप एक्सेस प्वाइंट से आगे बढ़ते हैं तो वायरलेस कनेक्शन खराब हो जाते हैं, जिससे कनेक्शन रिमोट संवेदनशील हो जाता है।
  • विश्वसनीय होने के बावजूद वायर्ड नेटवर्क इंस्टॉल करने और री-कॉन्फिगर करने के लिए महंगे हैं और वायरलेस नेटवर्क में यूजर्स किसी भी डिवाइस को ट्रांसफर नहीं कर सकते हैं।

दोनों की तुलना की जाए तो वायर्ड नेटवर्क वायरलेस नेटवर्क की तुलना में अपेक्षाकृत तेज होते हैं, क्योंकि इस नेटवर्क में प्रत्येक डिवाइस को जोड़ने के लिए अलग केबल का उपयोग किया जाता है और प्रत्येक केबल समान गति से डाटा ट्रांसमिट करता है। हालांकि, वायरलेस नेटवर्क भी तेज होते हैं, लेकिन इसकी स्पीड डिवाइस के रूटिंग, पोर्ट और हार्डवेयर पहलुओं आदि पर निर्भर करती है।

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